Monday, July 03, 2017

इबादत मेरे हक़ में करना

सुनो! कर ही रही हो इबादत,
तो, मेरे हक़ में करना !
तेरे बिन मैं, तिल-तिल कर मरूं,
बस यही दुआ करना !!
©®राहुल फ़राज़
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