Friday, July 07, 2017

ज़ख्मो पे, आंसू मलना अच्छा लगा

पहली बारिश में भीग कर अच्छा लगा
रो कर तुम्हारी यादों में , अच्छा लगा
ज़ख्में नासूर पे रह रह कर, बरसाना
यूं ज़ख्मो पे, आंसू मलना अच्छा लगा
©®राहुल फ़राज़

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