Thursday, April 26, 2012

जिंदगी में कुछ कहनें को तज्रिबा बहोत जरूरी है
उतरनां तूफां में तो हौसला बहोत जरूरी है
कश्तियां तो सह लेंगी थपेडे इन तूफानों के
पहुंचना हो मंजिल पर तो साहिल बहोत जरूरी है

राहुल उज्‍जैनकर ''फराज''

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