Monday, June 28, 2010

सब कहनें की बातें है

तुम हमारा साथ दोगे, सब कहने की बातें हैं !
उम्र भर साथ रहोगे ?, सब कहने की बातें हैं !

दिमाग मे चलनें वाला वल्वला है ये, ना कोई दिवानापन
मन का भटकना है ये फ़ितुर दिल का, ना कोई बंजारापन
उभरता है हर बार उल्टा, अक्स असली आइनें मे ही
सच बोलता है, हर पल आईना, सब कहनें की बातें है
तुम हमारा साथ दोगे......


बिछ्डकर किसी ना किसी से हम, जीते रहते हैं हरपल
करके बहाना मातम का हम, बस्स पीते रहते हैं हरपल
जीने वालों का साथ देते नही, मरनें वाले की बात क्या
प्यार, वफ़ा, दोस्ती और रिश्ते , सब कहने की बातें हैं
तुम हमारा साथ दोगे......


किसी के दामन मे फूल सजाना, सब से नहीं होता
किसी के आंसु अपनी आंख मे लेना, सब से नहीं होता
दौलत के गुरुर में सबके, कटवा देना इक इक हाथ
"फ़राज़" इश्क की मिसाल बनाना,सब कहनें की बातें है
तुम हमारा साथ दोगे......

राहुल उज्जैनकर "फ़राज़"

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