Tuesday, March 26, 2013

ये नज़राना तेरा भी है मेरा भी

ग़म का ख़जाना तेरा भी है मेरा भी




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गम का खज़ाना तेरा भी है मेरा भी
ये नज़राना तेरा भी है मेरा भी

अपनें ग़म को गीत बना कर गा लेना
राग पुराना तेरा भी है मेरा भी

तू मुझको और मैं तुझको समझाउं क्‍या
दिल दिवाना तेरा भी है मेरा भी

शहर में गलियों गलियों जिसका चेहरा है
वो अफ़साना तेरा भी है मेरा भी

मैखानें की बात  नां कर वाईज़ मुझसे
आना-जाना तेरा भी है मेरा भी.....
जगजीत सिंह एवं लता मंगेशकर








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